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संतान गणपति स्तोत्र in Hindi | Ganpati Stotra Pdf download

"संतान गणपति स्तोत्र" जो की संतान प्राप्ति के लिये उत्तम स्तोत्र है और इस स्तोत्र के जाप से बहुत लोगो के घर संतान की प्राप्ति हुई है। इस मंत्र के जाप से आपको मनचाहा संतान प्राप्त करने में सफलता मिलेगी। इस गणपति स्तोत्र से कई लोगों को संतान की प्राप्ति हुई है। यह स्तोत्र को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है क्योकि जब आप विश्वास के साथ स्तोत्र का पाठ करते हैं तो सब कुछ संभव हो जाता है।

Ganpati Stotra के download link नीचे दिए गए है।  

गणपति स्तोत्र PDF                                 Download

Ganpati Stotra PDF in Sanskrit      Download

Ganpati Stotra PDF with meaning Download

संतान गणपति स्तोत्र PDF in Hindi         Download

भगवान गणेश हिंदू धर्म में सबसे प्रिय देवता हैं, इसलिए नहीं कि वे देवी पार्वती के पुत्र हैं, बल्कि उनके आराध्य स्वभाव के कारण हैं।प्रथम पूज्य गणेश जी का यह स्त्रोत्र ,संतान प्राप्ति में लाभदायी है। कहा जाता है जो भी इस स्त्रोत का पाठ श्रद्धा पूर्वक करता है उस पर देवी पार्वती अधिक प्रसन्न होती है।

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Contents of the Article

1.Introduction To Ganpati Stotra  गणपति स्तोत्र 

2.संतान गणपति स्तोत्र 

3.Santan Ganpati Stotra in Hindi

संतान प्राप्ति गणेश मंत्र | संतान प्राप्ति स्तोत्र

Santan Prapti Ganesh स्तोत्र जो की संतान गणपति स्तोत्र  के नाम से प्रसिद्द है ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक भगवान श्री गणेश की आराधान बहुत ही फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि सुयोग्य संतान की इच्छा रखनेवाली दंपत्ति को भादो के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को संतान गणपति स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। कहा जाता है जो भी व्यक्ति इस स्तोत्र को श्रद्धा पूर्वक पढ़ता है उस पर देवी पार्वती अधिक प्रसन्न होती हैं।

|| संतान गणपति स्तोत्र ||

ॐ नमोस्तु गणनाथाय सिद्धिबुद्धि प्रदाय च |

सर्वप्रदाय देवाय पुत्रवृद्धिप्रदाय च | |

गुरुदराय गुरवे गोप्त्रेगुह्यसिताय च |

गोप्याय गोपितशेषभुवनाय चिदात्मने ||

विश्वमूलाय भव्याय विश्वसृष्टिकराय ते |

नमो नमस्ते सत्याय सत्यपूर्णाय शुण्डिने ||

एकदंताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नमः |

प्रपन्नजनपालय प्रणतार्ति विनाशिने ||

शरणं भव देवेश सन्ततिं सुद्रढां कुरु |

भविष्यन्ति च ये पुत्रा मत्कुले गणनायक ||

ते सर्वे तव पूजार्थे निरताः स्युर्वरो मतः |

पुत्रप्रदमिदं स्तोत्रं सर्वसिद्धिप्रदायकं ||


|| श्री गणपति अर्पणं अस्तु ||

गणपति स्तोत्र का अर्थ

|| संतान गणपति स्तोत्र || 


श्री सिद्धि-बुद्धि सहित उन भगवान् गणनाथ (गणपति) को नमस्कार है जो पुत्र वृद्धि प्रदान करनेवाले और सबकुछ प्रदान करनेवाले है।1


जो ज्ञान के दाता है, जो हमारे रक्षक है, जो गौरवर्ण वाले है,जिनका स्वरुप अत्यंत गोपनीय है जो सर्व भुवनो के रक्षक है ।2


उन भगवान् गणपति को नमस्कार है जो समग्र विश्व के मूल है कल्याण रूपी है, जो विश्वसृष्टि करनेवाले है, उन सत्यस्वरूपी,सत्यपूर्ण तथा शुण्डधारी गणेश्वर को मेरा नमस्कार है ।3

जो एकदन्त वाले है,सुंदरमुखवाले है,जो शरणमे आनेवाले की रक्षा करते है, प्रणतजनों की पीड़ा का नाश करते है,उन शुद्ध स्वरुप गणपति को मेरा नमस्कार है ।4


हे गणपति आप मेरे शरणदाता हो | मेरी संतान प्राप्त करने की कामना को पूर्ण करो( मुझे संतान दो) मेरे संतान कूल को सुदृढ़ करो और ऐसा की मेरे कुल में जो पुत्र उत्पन्न हो वो सदा आपकी भक्ति में तत्पर हो ऐसा संतान हो-ऐसा मुझे वरदान प्रदान करो ।5 


यह पुत्रप्रदायक संतान स्तोत्र समस्त सिद्धिया देने वाला है | इस तरह से इस स्तोत्र को समझकर स्पष्ट उच्चारण के साथ सही विधान के साथ अनुष्ठान करने से सर्वसिद्धि प्राप्त होती है और गणपति कृपा से संतान प्राप्ति होती है. ।6

|| इस तरह से यह गणपति संतान स्तोत्र गणपति को समर्पित ||

|| अस्तु ||

गणेश भगवान् जो की प्रथम पूज्य हैं तो यह स्त्रोत्र का पाठ आप जब भी पूरी आस्था के साथ करेंगे तो निश्चित रूप से आपको इसका फल प्राप्त होगा।भगवान गणेश पर पूर्ण ध्यान देने और इस मंत्र का जाप करने से आप वांछित परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।जब विज्ञान विफल हो जाता है, तो केवल ईश्वर में ही आशा होती है और ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है।भगवान के चमत्कार दुनिया भर में दैनिक आधार पर हो रहे हैं, इसलिए किसी को भी अपनी पूरी आस्था भगवान गणेश पर रखनी चाहिए।

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