एकादशी कब है? 2026 की सभी एकादशी तिथि, पारण समय और सम्पूर्ण कैलेंडर
Last Update: 23rd August 2026
एकादशी कब है? यदि आप वर्ष 2026 की सभी एकादशी तिथियों की जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो आप सही जगह पर हैं। इस लेख में आपको 2026 की सभी एकादशी की तिथियाँ, अगली एकादशी कब है, पारण का समय और प्रत्येक एकादशी का धार्मिक महत्व एक ही स्थान पर मिलेगा। एकादशी व्रत का फल प्राप्त करने के लिए व्रत के साथ साथ सकाम कर्म अवश्य करें। केवल एकादशी व्रत करने से सम्पूर्ण फल प्राप्ति नहीं होगा इसलिए सभी के साथ अच्छा व्यवहार करें और विनम्र रहे।
इस लेख को समय-समय पर अपडेट किया जाता है, ताकि आपको हमेशा सही और नवीनतम जानकारी मिल सके। चाहे आप व्रत की तैयारी कर रहे हों या केवल एकादशी की तिथि जानना चाहते हों, यहाँ आपको आवश्यक सभी जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।
इस महीने की एकादशी कब है
📅 इस महीने की एकादशी (जुलाई 2026)
इस महीने कुल 2 एकादशी हैं:
| एकादशी | तिथि | दिन |
|---|---|---|
| योगिनी एकादशी | 11 जुलाई 2026 | शनिवार |
| देवशयनी एकादशी | 25 जुलाई 2026 | शनिवार |
💡 सुझाव: यदि आप इस महीने एकादशी व्रत रखने की योजना बना रहे हैं, तो इन दोनों तिथियों को अभी अपने कैलेंडर में नोट कर लें।
🔔 अगली एकादशी
| 📿 नाम | देवशयनी एकादशी |
| 📅 तिथि | 25 जुलाई 2026 |
| 🗓️ दिन | शनिवार |
| 🌅 पारण | द्वादशी तिथि के अनुसार |
| ✨ महत्व | इस दिन से चातुर्मास प्रारंभ माना जाता है और भगवान विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। |
Update every 15 days.
विषय सूची
एकादशी कब है? (Quick Answer)
शास्त्रों में एकादशी का महत्व
एकादशी क्या है?
आज एकादशी है क्या?
इस महीने की एकादशी कब है?
अगली एकादशी कब है?
2026 की सभी एकादशी तिथि
महीने एकादशी कैलेंडर
एकादशी व्रत कैसे करें?
एकादशी व्रत किसको करना चाहिए
एकादशी पर क्या खाना चाहिए?
🥣 एकादशी व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं?
✅ खा सकते हैं ❌ नहीं खाना चाहिए 🍎 फल 🍚 चावल 🥛 दूध 🌾 गेहूं 🥣 दही 🌱 दालें 🌰 मखाना 🥖 सामान्य आटा 🍚 साबूदाना 🫘 राजमा 🌰 सिंघाड़े का आटा 🧆 चना 🌾 कुट्टू का आटा 🫘 मसूर 🌾 राजगीरा 🍖 मांसाहार 🧂 सेंधा नमक 🧄 लहसुन-प्याज एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए?
एकादशी का महत्व
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
एकादशी कब है? (Quick Answer)
यदि आप जानना चाहते हैं कि एकादशी कब है, तो इस पेज पर आपको वर्ष 2026 की सभी 24 एकादशी की तिथियां, इस महीने की एकादशी, अगली एकादशी, पारण का समय तथा प्रत्येक एकादशी का धार्मिक महत्व एक ही स्थान पर मिलेगा।
शास्त्र प्रमाण | शास्त्रों में एकादशी का महत्व
एकादश्यां न भुञ्जीत पक्षयोरुभयोः अपि।
— ब्रह्मवैवर्त पुराण
भावार्थ
शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष—दोनों एकादशी के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में इसे सभी लोगों के लिए अत्यंत पुण्यदायी व्रत बताया गया है। भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने, मन की शुद्धि और पापों के क्षय के लिए एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है।
एकादशी क्या है? और कब है?
एकादशी हिन्दू धर्म का अत्यंत पवित्र व्रत है, जो प्रत्येक चंद्र पक्ष की ग्यारहवीं तिथि (एकादशी) को रखा जाता है। एक वर्ष में सामान्यतः 24 एकादशी आती हैं, जबकि अधिक मास होने पर इनकी संख्या 26 तक हो सकती है।
शास्त्रों के अनुसार यह दिन भगवान विष्णु की उपासना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, भगवान विष्णु का पूजन करते हैं, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं तथा हरिनाम संकीर्तन करते हैं। ऐसा माना जाता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया एकादशी व्रत व्यक्ति के पापों का क्षय करता है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
यदि आप एकादशी का इतिहास, उत्पत्ति, भगवान विष्णु से इसका संबंध और विस्तृत धार्मिक महत्व जानना चाहते हैं, तो हमारा विस्तृत लेख "एकादशी क्या है?" अवश्य पढ़ें।
आज एकादशी है क्या?
यदि आप "आज एकादशी है क्या?" खोज रहे हैं, तो इस पेज पर नियमित रूप से वर्तमान महीने की एकादशी तिथि और पारण समय अपडेट किया जाता है।
इससे आपको हर बार अलग-अलग वेबसाइट खोजने की आवश्यकता नहीं होगी। यहां आपको वर्तमान, अगली तथा पूरे वर्ष की सभी एकादशी की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
इस महीने की एकादशी कब है?
यदि आप "इस महीने की एकादशी कब है" जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कैलेंडर में संबंधित महीने की एकादशी तिथि देखें।
Please Note : यह आर्टिकल प्रत्येक महीने अपडेट किया जाता है ताकि आपको हमेशा नवीनतम जानकारी प्राप्त हो।
2026 कि अगली एकादशी कब है?
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अगली एकादशी | प्रकाशित माह के अनुसार अपडेट होगी |
| तिथि | —25 जुलाई 2026 |
| दिन | —शनिवार |
| नाम | —देवशयनी एकादशी |
| पारण | ----द्वादशी तिथि में |
2026 की सभी एकादशी तिथि (सारणी) | Ekadashi 2026
महत्वपूर्ण सूचना: नीचे दी गई सूची सामान्य पंचांग क्रम के आधार पर है। प्रकाशित करने से पहले अपने चुने हुए पंचांग (दृक पंचांग, ISKCON पंचांग या स्थानीय पंचांग) के अनुसार तिथि और पारण समय अवश्य सत्यापित करें, क्योंकि विभिन्न परंपराओं में कुछ अंतर हो सकता है।
🛕 वर्षभर की एकादशी सूची
📅 महीना 🙏 एकादशी 📆 अनुमानित तिथि जनवरी षट्तिला जनवरी जनवरी जया जनवरी फरवरी विजय फरवरी फरवरी आमलकी फरवरी मार्च पापमोचिनी मार्च अप्रैल कामदा अप्रैल अप्रैल वरूथिनी अप्रैल मई मोहिनी मई मई अपरा मई जून निर्जला जून जून योगिनी जून जुलाई देवशयनी जुलाई जुलाई कामिका जुलाई अगस्त पुत्रदा अगस्त अगस्त अजा अगस्त सितंबर परिवर्तिनी सितंबर सितंबर इंदिरा सितंबर अक्टूबर पापांकुशा अक्टूबर अक्टूबर रमा अक्टूबर नवंबर देवउठनी (प्रबोधिनी) नवंबर नवंबर उत्पन्ना नवंबर दिसंबर मोक्षदा दिसंबर दिसंबर सफला दिसंबर
Please Note : वैसे तो यह डेट एकदम सटीक है लेकिन फिर भी पहले सही अंग्रेज़ी तारीख चेक कर लें और पारण का समय ज़रूर verify कर लें। धार्मिक जानकारी हमेशा किसी भरोसेमंद पंचांग से ही लें।
इस लेख में आगे आप जानेंगे
जनवरी से दिसंबर 2026 तक प्रत्येक एकादशी का धार्मिक महत्व
प्रत्येक व्रत की कथा और विशेष फल
एकादशी व्रत की संपूर्ण विधि
क्या खाएं और क्या न खाएं
पारण कब और कैसे करें
एकादशी से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर
अगले भाग में हम जनवरी से जून 2026 तक की सभी एकादशियों का विस्तृत विवरण, धार्मिक महत्व और पालन की विधि विस्तार से देखेंगे।
2026 की सभी एकादशी – जनवरी से जून
जनवरी 2026 की एकादशी
1. षट्तिला एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 14 January 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 14 January 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
षट्तिला एकादशी का संबंध दान, तप और आत्मशुद्धि से माना जाता है। "षट्" अर्थात छह और "तिल" अर्थात तिल। इस दिन तिल से स्नान, तिल का दान, तिल का हवन तथा तिल का सेवन विशेष पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत से दरिद्रता, पाप और नकारात्मक कर्मों का क्षय होता है तथा भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
2. जया एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 29 January 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 29 January 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
जया एकादशी को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पद्म पुराण में इसकी महिमा का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इस व्रत का पालन करने से पापों का क्षय होता है और व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति तथा भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
फरवरी 2026 की एकादशी
3. विजया एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 13 February 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 13 February 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
विजया एकादशी को जीवन में विजय और सफलता प्रदान करने वाली एकादशी माना जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा और इस व्रत के प्रभाव से कठिन परिस्थितियों और बाधाओं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति मिलती है। यह व्रत धैर्य, संकल्प और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
4. आमलकी एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 27 February 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 27 February 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
आमलकी एकादशी में आंवले के वृक्ष और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू परंपरा में आंवले को पवित्र और कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, पूजा और दान करने से पापों का क्षय होता है तथा व्यक्ति को आध्यात्मिक और भौतिक सुख की प्राप्ति होती है।
मार्च 2026 की एकादशी
5. पापमोचिनी एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 15 March 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 15 March 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
पापमोचिनी एकादशी को पापों से मुक्ति प्रदान करने वाली एकादशी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और कथा श्रवण करने की परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करने से व्यक्ति के नकारात्मक कर्मों का प्रभाव कम होता है तथा आत्मशुद्धि की प्राप्ति होती है।
6. कामदा एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 29 March 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 29 March 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
कामदा एकादशी को मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली एकादशी माना जाता है। इसकी कथा में भगवान विष्णु की कृपा से श्राप से मुक्ति प्राप्त करने का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु भक्त की उचित इच्छाओं को पूर्ण करते हैं।
अप्रैल 2026 की एकादशी
7. वरुथिनी एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 13 April 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 13 April 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
वरुथिनी एकादशी को सौभाग्य, सुख और आध्यात्मिक कल्याण प्रदान करने वाली एकादशी माना जाता है। "वरुथिनी" का अर्थ सुरक्षा प्रदान करने वाली माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत से पापों का क्षय होता है और भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
8. मोहिनी एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 27 April 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 27 April 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
मोहिनी एकादशी भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप से संबंधित है। समुद्र मंथन के समय भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण करके देवताओं को अमृत प्राप्त कराया था। यह व्रत मोह, आसक्ति और सांसारिक भ्रम से ऊपर उठकर भगवान की भक्ति करने की प्रेरणा देता है।
मई 2026 की एकादशी
9. अपरा एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 13 May 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 13 May 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
अपरा एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी एकादशी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान करने से अनेक प्रकार के पापों का नाश होता है। यह एकादशी धर्म, दान, संयम और सदाचार के महत्व को दर्शाती है।
10. पद्मिनी एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 27 May 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 27 May 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
पद्मिनी एकादशी अधिक मास में आने वाली अत्यंत विशेष एकादशी है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। अधिक मास को भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, इसलिए इस अवधि में की गई भक्ति, दान और साधना का विशेष महत्व बताया गया है।
जून 2026 की एकादशी
11. परमा एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 11 June 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 11 June 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
परमा एकादशी अधिक मास में आने वाली विशेष एकादशी है। भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, दान और धार्मिक साधना का इस दिन विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इस व्रत को करने से पापों का क्षय होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
12. निर्जला एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 25 June 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 25 June 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
निर्जला एकादशी को वर्ष की सबसे कठिन और महत्वपूर्ण एकादशियों में माना जाता है। इस व्रत में परंपरागत रूप से अन्न के साथ जल का भी त्याग किया जाता है। इसका संबंध महाभारत के भीमसेन से जुड़ी कथा से माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत करने से वर्ष की अन्य एकादशियों के व्रत के समान पुण्य प्राप्त होता है।
जनवरी से जून की एकादशियों का सार
इन छह महीनों में आने वाली सभी एकादशियां अपने-अपने विशेष धार्मिक महत्व के कारण जानी जाती हैं। कोई एकादशी दान का महत्व बताती है, कोई विजय का संदेश देती है, तो कोई मोक्ष और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। यदि श्रद्धा, नियम और सात्विक जीवन के साथ इन व्रतों का पालन किया जाए, तो यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मअनुशासन और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम भी बन जाता है।
अगले भाग में हम जुलाई से दिसंबर 2026 तक की सभी एकादशियों, उनके महत्व, व्रत विधि, एकादशी पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इन सभी विषयों को विस्तार से समझेंगे।
2026 की सभी एकादशी – जुलाई से दिसंबर
नोट: प्रकाशित करने से पहले प्रत्येक एकादशी की तिथि और पारण समय अपने चुने हुए पंचांग (दृक पंचांग/स्थानीय पंचांग) से सत्यापित अवश्य करें।
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जुलाई 2026 की एकादशी
13. योगिनी एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 11 July 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 11 July 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
योगिनी एकादशी को पापों और दोषों से मुक्ति प्रदान करने वाली एकादशी माना जाता है। इसकी कथा में भगवान विष्णु की कृपा से एक व्यक्ति के शाप से मुक्त होने का वर्णन मिलता है। यह व्रत आत्मशुद्धि, भक्ति और सदाचार की प्रेरणा देता है।
14. देवशयनी एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 25 July 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 25 July 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
देवशयनी एकादशी को हरिशयनी और आषाढ़ी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है। यह अवधि भगवान विष्णु की भक्ति, साधना और संयम के लिए विशेष मानी जाती है।
अगस्त 2026 की एकादशी
15. कामिका एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 9 August 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 9 August 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
कामिका एकादशी भगवान विष्णु की भक्ति और पापों से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करने और व्रत रखने की परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक पूजा और व्रत करने से मनुष्य को पुण्य, शांति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
16. श्रावण पुत्रदा एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 23 August 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 23 August 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
श्रावण पुत्रदा एकादशी को संतान सुख और संतान के कल्याण से जुड़ी एकादशी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने की परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत करने से संतान संबंधी मनोकामनाओं की पूर्ति, परिवार में सुख-शांति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। 2026 में उत्तर भारत के सामान्य एकादशी कैलेंडर के अनुसार यह एकादशी 23 अगस्त को है।
सितंबर 2026 की एकादशी
17. अजा एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 7 September 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 7 September 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
अजा एकादशी का संबंध राजा हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध कथा से माना जाता है। राजा हरिश्चंद्र ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का त्याग नहीं किया। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से पापों का क्षय होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। यह एकादशी सत्य, धैर्य और धर्म के मार्ग पर बने रहने की प्रेरणा देती है।
18. परिवर्तिनी एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 22 September 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 22 September 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
परिवर्तिनी एकादशी को पद्मा एकादशी और वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु अपनी योगनिद्रा में करवट बदलते हैं। इस एकादशी का संबंध भगवान विष्णु के वामन स्वरूप और राजा बलि की कथा से भी जोड़ा जाता है।
अक्टूबर 2026 की एकादशी
19. इंदिरा एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 6 October 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 6 October 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
इंदिरा एकादशी को पितरों की शांति और उनके कल्याण के लिए विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी कथा राजा इंद्रसेन और उनके पितरों से संबंधित है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा और एकादशी व्रत करने से पितरों को सद्गति प्राप्त होती है तथा परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है।
20. पापांकुशा एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 22 October 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 22 October 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
पापांकुशा एकादशी को पापों का नाश करने वाली एकादशी माना जाता है। "पापांकुश" का अर्थ पापों को नियंत्रित करने वाले अंकुश से जुड़ा है। भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान करने से आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होने की मान्यता है।
नवंबर 2026 की एकादशी
21. रमा एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 5 November 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 5 November 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
रमा एकादशी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से धन, सौभाग्य और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। यह व्रत भक्त को संयम, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
22. देवउठनी एकादशी | Devuthani Ekadashi Kab Hai 2026 ?
विवरण जानकारी तिथि 21 November 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 21 November 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
देवउत्थान एकादशी को भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने का दिन माना जाता है। इसी के साथ चातुर्मास की समाप्ति मानी जाती है। इस दिन तुलसी विवाह की परंपरा भी प्रचलित है और अनेक शुभ कार्यों का आरंभ किया जाता है।
दिसंबर 2026 की एकादशी
23. उत्पन्ना एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 4 December 2026 पक्ष कृष्ण पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 4 December 2026 |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
उत्पन्ना एकादशी को एकादशी देवी के प्राकट्य से संबंधित माना जाता है। पुराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु की शक्ति से एकादशी देवी का प्राकट्य हुआ और उन्होंने मुर नामक असुर का वध किया। यह व्रत अधर्म पर धर्म की विजय, आत्मसंयम और भगवान विष्णु की भक्ति का संदेश देता है।
24. मोक्षदा एकादशी
विवरण जानकारी तिथि 20 December 2026 पक्ष शुक्ल पक्ष पारण द्वादशी तिथि में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | 20 December 2026 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| पारण | द्वादशी तिथि में |
महत्व
मोक्षदा एकादशी को मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी माना जाता है। इसकी कथा राजा वैखानस और उनके पूर्वजों के उद्धार से संबंधित है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और भगवद्गीता के पाठ का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत से पितरों को भी सद्गति प्राप्त हो सकती है।
एकादशी व्रत कैसे करें?
यदि आप पहली बार एकादशी का व्रत रख रहे हैं, तो नीचे दिए कुछ चीज़ों का पालन कर सकते हैं।
1. दशमी से सात्विक भोजन करें
व्रत से एक दिन पहले तामसिक भोजन, लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा आदि का त्याग करें।
यह जरूरी नहीं है पर अपनी इक्षा के अनुसार कर सकते हैं।
2. ब्रह्म मुहूर्त में उठें
प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु का स्मरण करें।
Office जाने वाले लोग अपने नियमित routine ही फॉलो करें।
3. भगवान विष्णु की पूजा करें
दीप प्रज्वलित करें।
एकादशी कि कथा पढ़ेः।
तुलसी दल अर्पित करें।
पीले पुष्प चढ़ाएं।
धूप और नैवेद्य अर्पित करें।
4. मंत्र जप करें
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय (11/21/51/101 बार )
विष्णु सहस्रनाम पाठ
विष्णु जी कि आरती
5. दिनभर संयम रखें
क्रोध, असत्य, निंदा और हिंसा से बचें। अधिक समय भगवान के स्मरण और भक्ति में बिताएं।
6. द्वादशी को पारण करें
निर्धारित पारण समय में व्रत का समापन करें। परंपरा के अनुसार पहले भगवान को भोग लगाकर फिर भोजन ग्रहण करें।
एकादशी पर क्या खाना चाहिए?
🥣 एकादशी पर क्या खाना चाहिए?
| ✅ खा सकते हैं | ❌ नहीं खाना चाहिए |
|---|---|
| फल | चावल |
| दूध | गेहूं |
| दही | दालें |
| मखाना | सामान्य आटा |
| साबूदाना | राजमा |
| सिंघाड़े का आटा | चना |
| कुट्टू का आटा | मसूर |
| राजगीरा | मांसाहार |
| सेंधा नमक | लहसुन-प्याज |
एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए?
चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
तामसिक भोजन से बचना चाहिए।
क्रोध और विवाद से दूर रहें।
झूठ और छल का त्याग करें।
नशे का सेवन न करें।
भगवान विष्णु और तुलसी का अपमान न करें।
आवश्यकता से अधिक दिन में सोने से बचें।
निंदा और कटु वचन से बचें।
व्रत को केवल भोजन त्याग नहीं, बल्कि मन और वाणी की शुद्धि का साधन समझें।
एकादशी का धार्मिक महत्व | एकादशी कब है?
सनातन धर्म में एकादशी को भगवान विष्णु की आराधना का सबसे पवित्र दिवस माना गया है। प्रत्येक चंद्र मास में दो बार आने वाली यह तिथि केवल उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि, इंद्रिय-निग्रह और आध्यात्मिक उन्नति का भी माध्यम है। पद्म पुराण, स्कन्द पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण तथा भविष्य पुराण में एकादशी व्रत की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु का पूजन, मंत्र जप, गीता पाठ, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और दान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन सात्विक जीवन, संयम और भगवान के स्मरण पर विशेष बल दिया गया है।
एकादशी व्रत का उद्देश्य केवल भोजन का त्याग करना नहीं है, बल्कि मन, वाणी और कर्म को भी शुद्ध बनाना है। इसलिए शास्त्रों में इसे "हरिवासर" अर्थात भगवान श्रीहरि का प्रिय दिन कहा गया है। जो भक्त श्रद्धा, नियम और भक्ति के साथ एकादशी का पालन करता है, उसके जीवन में आध्यात्मिक जागृति, मानसिक शांति और सकारात्मक परिवर्तन आने की मान्यता है।
यदि आप नियमित रूप से सोचते हैं कि "एकादशी कब है?", तो इस पेज को बुकमार्क कर सकते हैं। यहां आपको 2026 की सभी एकादशी, इस महीने की एकादशी कब है, अगली एकादशी, पारण समय और व्रत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी समय-समय पर अपडेट मिलती रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. एकादशी कब आती है?
एकादशी प्रत्येक चंद्र पक्ष की ग्यारहवीं (11वीं) तिथि को आती है। एक महीने में सामान्यतः दो एकादशी होती हैं—एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में।
2. इस महीने की एकादशी कब है?
इस लेख के ऊपर दिए गए "इस महीने की एकादशी" अनुभाग में वर्तमान महीने की एकादशी तिथि, दिन और पारण समय नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।
3. अगली एकादशी कब है?
अगली एकादशी की जानकारी लेख के "अगली एकादशी" सेक्शन में दी गई है। वहां तिथि, वार, एकादशी का नाम और पारण समय एक साथ उपलब्ध है।
4. एक महीने में कितनी एकादशी होती हैं?
सामान्यतः प्रत्येक महीने दो एकादशी होती हैं। एक वर्ष में कुल 24 एकादशी आती हैं। अधिक मास (अधिकमास) होने पर इनकी संख्या 26 तक हो सकती है।
5. ग्यारस और एकादशी में क्या अंतर है?
कोई अंतर नहीं है। "ग्यारस" एकादशी का ही स्थानीय या बोलचाल का नाम है, जो विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अधिक प्रचलित है।
6. क्या महिलाएं एकादशी का व्रत रख सकती हैं?
हाँ। महिलाएं भी श्रद्धा और अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार एकादशी का व्रत रख सकती हैं। यदि कोई गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहता है।
7. क्या एकादशी पर फलाहार कर सकते हैं?
हाँ। यदि निर्जल या निराहार व्रत संभव न हो, तो फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, राजगीरा और सेंधा नमक के साथ फलाहार किया जा सकता है।
8. एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?
धार्मिक परंपरा के अनुसार एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है। विभिन्न पुराणों और लोकमान्यताओं में इसके अलग-अलग कारण बताए गए हैं। इसलिए अधिकांश श्रद्धालु इस दिन चावल से परहेज करते हैं।
9. क्या बिना उपवास के भी एकादशी मना सकते हैं?
हाँ। यदि स्वास्थ्य कारणों से उपवास संभव न हो, तो भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जप, गीता पाठ, दान और सात्विक जीवन का पालन करके भी एकादशी का पालन किया जा सकता है।
10. सबसे बड़ी एकादशी कौन-सी मानी जाती है?
निर्जला एकादशी को सबसे प्रसिद्ध और अत्यंत पुण्यदायी एकादशियों में से एक माना जाता है। हालांकि शास्त्रों के अनुसार सभी एकादशियों का अपना-अपना विशेष महत्व है।
यदि आपका प्रश्न है "एकादशी कब है?", तो अब आपको अलग-अलग वेबसाइटों पर खोजने की आवश्यकता नहीं है। इस विस्तृत लेख में हमने 2026 की सभी एकादशी तिथियां, इस महीने की एकादशी, अगली एकादशी, व्रत विधि, पारण समय, भोजन नियम और धार्मिक महत्व को एक ही स्थान पर संकलित किया है।
बहुत सारे लोग ढूंढते है की november mein ekadashi kab hai क्योंकि इस इस समय देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी होता है। देवशयनी एकादशी और देवउठनी एकादशी को लोग
भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा, नियम और सात्विक जीवन के साथ एकादशी व्रत का पालन करें। इस पेज को सेव करें, क्योंकि इसे प्रत्येक महीने नई जानकारी के साथ अपडेट किया जाएगा।
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