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Om Jayanti Mangala Kali Mantra Benefits | ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी

ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु‍ते।

भावार्थ : जयंती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा धात्री और स्वधा- इन नामों से प्रसिद्ध जगदंबे। आपको मेरा नमस्कार है

जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। 
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।।

यह अर्गलास्तोत्र का पहला श्लोक है। ॐ का सम्पुट लगाकर भी इस श्लोक का पाठ किया जाता है; 
जैसे ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। 
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।

चूँकि यह अर्गला स्त्रोत के अनुष्टुप् छन्द पर आधारित है और अनुष्टुप् छन्द में 32 वर्ण होते हैं, अतः बिना ॐ के यह श्लोक पूर्ण है। इस मन्त्र के बारे कहा गया है, महामारी से निदान पाने के लिये में इसका जप अतिप्रभावशाली है। इसे सुनकर बड़ी सरलता से बोला जा सकता है। जो बोल न सकें, उन्हें श्रवण अवश्य करना चाहिये।

इसमें आद्यशक्ति के 11  नामों का उल्लेख है, जिनका अपने आपमें सम्पूर्ण अर्थ है। जो देवी भक्त हैं, वे जानते ही होंगे कि इन नामों से क्यों आद्यशक्ति को पुकारा जाता है?  शास्त्रों विलग-विलग कथाएँ हैं। 

आइये, इस पोस्ट में प्रत्येक नामों का अर्थ जानें। 

1 ) जयन्ती ─ जयति सर्वोत्कर्षेण वर्तते इति ‘जयन्ती’ ─ सबसे उत्कृष्ट एवं विजयशालिनी है।

2) मंगला ─ मङ्गं जननमर  णादिरूपं सर्पणं भक्तानां लाति गृह्णाति नाशयति या सा मङ्गला मोक्षप्रदा ─ जो अपने भक्तों के जन्म-मरण आदि संसार-बन्धन को दूर करती हैं, उन मोक्षदायिनी मंगलमयी देवी का नाम ‘मंगला’ है ।

3) काली ─ कलयति भक्षयति प्रलयकाले सर्वम् इति काली ─ जो प्रलयकाल में सम्पूर्ण सृष्टि को अपना ग्रास बना लेती है,वह ‘काली’ है।

4) भद्रकाली ─ भद्रं मङ्गलं सुखं वा कलयति स्वीकरोति भक्तेभ्यो दातुम् इति भद्रकाली सुखप्रदा ─ जो अपने भक्तों को देने के लिये ही भद्र, सुख अथव मंगल स्वीकार करती है, वह ‘भद्रकाली’ है।

5) कपालिनी ─ हाथ में कपाल तथा गले में मुण्डमाला धारण करनेवाली ‘कपालिनी’ है

6) दुर्गा ─ दु:खेन अष्टाङ्गयोगकर्मोपासनारूपेण क्लेशेन गम्यते प्राप्यते या सा दुर्गा ─ जो अष्टांगयोग, कर्म एवं  उपासनारूप दुः साध्य साधन से प्राप्त होती हैं, वे जगदम्बिका ‘दुर्गा’ कहलाती हैं।

7) क्षमा ─ क्षमते सहते भक्तानाम् अन्येषां वा सर्वानपराधान्ज ननीत्वेनातिशयकरुणामयस्वभावादिति क्षमा ─ सम्पूर्ण जगत् की जननी होने से अत्यन्त करुणामय स्वभाव होने के कारण जो भक्तों अथवा दूसरों के भी सारे अपराध क्षमा करती हैं, उनका नाम ‘क्षमा’ है।

8) शिवा ─ सबका शिव अर्थात् कल्याण करनेवाली जगदम्बा को ‘शिवा’ कहते हैं।

9) धात्री ─ सम्पूर्ण प्रपंच को धारण करने के कारण भगवती का नाम ‘धात्री’ है।

10) स्वाहा ─ स्वाहा रूप से यज्ञभाग ग्रहण करके देवताओं का पोषण करनेवाली देवी का नाम ‘स्वाहा’ है।

11) स्वधा ─स्वधा रूप से श्राद्ध और तर्पण को स्वीकार करके पितरों का पोषण करनेवाली देवी का नाम ‘स्वधा’ है।

(Om Jayanti Mangala Kali Mantra) माता काली को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि नवरात्रि की सातवीं देवी हैं यानी नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि की पूजा से भक्तों को अपने सभी शत्रु पर विजय प्राप्त होती है।

ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा ; क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु‍ते। मां का यह स्वरूप लोगों के मन में व्याप्त भय को नाश करने वाला है। मां कालरात्रि को यंत्र, मंत्र और तंत्र की देवी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह मंत्र प्रतिदिन सुनने अथवा इसका जाप करने से, आपके अंदर साहस, शक्ति एवं सामर्थ्य का विकास होता है। जिससे आप बिना किसी साइड इफेक्ट के अपनी समस्याओं को आसानी से सुलझा सकते हैं।

यहां शक्ति से संबंध, केवल युद्ध में प्रयोग शक्ति से ही नहीं है। बल्कि दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियों से भी है।

चाहे वह मकान मालिक या बॉस का आपको रोज धमकाने की परिस्थिति से हो अथवा स्त्री के संबंध में उसके पति से संबंधित हो, जोकि उसे हमेशा दबाकर रखना चाहता हो। चाहे कोई भी परेशानी क्यों ना हो!

ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी के फायदे| Benefits of Om Jayanti Mangala Kali Mantra

यह शक्तिशाली संस्कृत मंत्र (Om Jayanti Mangala Kali Mantra) आपको ऐसा मार्ग दिखाता है जिससे आप जीत भी जाए और कोई साइड इफेक्ट भी ना हो यानी संबंधों में मधुरता भी बनी रहे। केवल जरूरत है तो श्रद्धा एवं विश्वास की। अगर आप सच्चे मन से माता काली का यह मंत्र करते हैं तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि मां आप की पुकार ना सुनें और आपकी सहायता ना करें

आप भी इसको अपने दैनिक जीवन में शामिल करके इसका लाभ उठा सकते हैं। यह मंत्र (Om Jayanti Mangala Kali Mantra) ) प्रतिदिन कम से कम 108 बार शुद्ध उच्चारण में करना चाहिए! नवरात्र के बाद भी आप अगर इसे जारी रखना चाहे तो रख सकते हैं।

1.माता के इस मंत्र से माना जाता है कि संतान की प्राप्ति भी होती है तो जो लोग संतान के आगमन की इंतजार कर रहे हैं  तो उन्हें यह मंत्र जरूर करना चाहिए।

2. माता की कृपा से मनुष्य को सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है और जीवन की अनेक समस्याओं एवं परेशानियों का नाश होता है।

3. इस मंत्र की कई लोग अपनी अंदरूनी शक्ति को जागृत करने के लिए भी साधना करते हैं, जिससे उनका जीवन सफल हो सके और अपने सामने आने वाली किसी भी प्रकार की बाधा का सामना आसानी से कर सकें।अतः इस महामारी-काल में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

4. माता की आराधना से आपदाओं से मुक्ति मिलती है। कहा जाता है कि मां सभी कष्टों को हरकर आपदाओं को दूर भगाती हैं।

5. यह मंत्र (Om Jayanti Mangala Kali Mantra) मां काली का है जिन्होंने उन दुष्टों का भी नाश किया था, जिसका महादेव भी नहीं कर पाए थे तथा स्पष्ट है यह मंत्र, असंभव कार्य को भी संभव बना देता है।

महा काली ने उन राक्षसों का भी वध किया जो की भगवान शिव भी अकेले  नहीं कर सकते थे। महा काली मंत्र आपको असंभव को प्राप्त करता है - यह एक अच्छी वित्तीय स्थिति प्राप्त करने और सभी ऋणों को दूर करने, अपने जीवन का प्यार पाने या सभी कार्यो में सफलता प्राप्त करने के लिए यह मंत्र बहुत समृद्ध हैं। जप करते समय मंत्र और उसके अर्थ का ध्यान किया जा सकता है। जैसे-जैसे मन उसमें अधिकाधिक निवास करता है, मन्त्र मन को वश में करता है और उच्च अवस्थाओं तक ले जाता है और महान मुक्ति का मार्ग बनाता है। 

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Om Jayanti Mangala Kali Mantra

Om Jayanti Mangala Kali Bhadrakali Kapalini Meaning In English

Om Jayanti Mangala Kali Bhadrakali Kapalini,
Durga Kshama Shiva Dhatri Swaha Swadha Namostute.

”Salutations to Jayanti (Who is ever-victorious), Mangala (Who is the bestower of auspiciousness), Kali (Who is beyond time), Bhadrakali (Who is the controller of death and life), Kapalini (Who wears a garland of skulls),

Salutations to Durga (Who is The Mother Goddess), Shiva (Who is ever-auspicious), Kshama (Who is an embodiment of forbearance), Dhatri (Who is the supporter of all sentient beings), Swaha (Who is the final receiver of the sacrificial oblations to gods) and Svadha (Who is the final receiver of the sacrificial oblations to Manes); Salutations to You.”

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